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शिवराज सरकार में टीचर से लेकर डॉक्टर तक सड़क पर, लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी

ग्वालियर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के जूनियर डॉक्टर स्टाइपंड बढ़ाने को लेकर हड़ताल पर

शिवराज सरकार में टीचर से लेकर डॉक्टर तक सड़क पर हैं। एक तरफ पदोन्नति को लेकर शिक्षक सत्याग्रह पर हैं तो दूसरी तरफ डॉक्टर स्टाइपंड को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। यानी शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था तक चरमरा गयी है।

ताज़ा मामला ग्वालियर शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जय आरोग्य अस्पताल (जेएएच)का है। जेएएच में जूनियर डॉक्टर्स और नर्सेस स्टाइपंड बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं।

इस हड़ताल का सीधा असर अस्पताल में इलाज के लिए पहुँच रहे मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है। ऑपरेशन टाल दिए गए हैं। डॉक्टर और नर्स की भारी कमी होने के कारण भर्ती मरीजों का ठीक से इलाज नहीं हो पा रहा है।

दैनिक भास्कर के एक रिपोर्ट के अनुसार जूनियर डॉक्टरों के साथ जेएएच की 400 नर्सेस और 150 पैरामेडिकल स्टाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

जूनियर डॉक्टरों के एसोसिएशन ‘जूडा’ की मांग है कि योग्यता और परिस्थिति के अनुसार स्टाइपंड को बढ़ाया जाए।

अस्पताल केअधीक्षक डॉ. जेएस सिकरवार का कहना है कि जूनियर डॉक्टर बिना पूर्व नोटिस दिए हड़ताल पर नहीं जा सकते। जूडा की हड़ताल पर जब कोर्ट ने रोक लगा दी है तो ऐसी स्थिति में पूर्व सूचना दिये हड़ताल पर जाना असंवैधानिक है।

मामला जो भी हो पर इसकी मार अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगो को झेलनी पड़ रही है.

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