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मोदी जी तो अकेले नहीं हैं. 40 पार्टियों की बारात ही है दूल्हे के साथ. तो 40 पार्टियां यानी वो इज़्ज़त ही नहीं देते सम्मान ही नहीं देते. ऐसे दिखाते हैं कि खुद ही अकेले चल रहे हैं।  

Interview With Tejashwi Yadav, Former Deputy C.M. Bihar And Youngest Leader Of Opposition In India

The English Translation Of This Interview Is Here.

NC24x7: अफवाह चल रही है कि नितीश जी RJD से जुड़ना चाहते हैं, वापस आपसे हाथ मिलाना चाहते हैं.

Tejashwi: कई बार हर एक प्लेटफार्म पर हमने कहा है कि नितीश कुमार जी के लिए महागठबंधन के दरवाज़े बंद हैं. 

और जिन्होंने चार साल में चार सरकार बनाई. हर बार मैंडेट को उन्होंने चीट करने का काम किया है.

और जो खुद कई करप्शन के केसेस में, कई क्रिमिनल केसेस में इंवोल्वड है, खुद कोर्ट से भी सजायफ्ता हो चुका है, बीस हज़ार का जुरमाना भी पटिआला कोर्ट ने लगा रखा है, बुक की चोरी एक जेएनयू स्टूडेंट से लेकर बिहार के स्पेशल स्टेटस तक.

नितीश कुमार जी के लिए महागठबंधन के दरवाज़े बंद हैं.”

सृजन स्कैम जैसे 36 घोटाले यहां बिहार में बीजेपी के आने के बाद हुए हैं और बीजेपी को चोर दरवाज़े से इन्होने सरकार में लाने का काम किया

और ये बार बार इनकी आदत हैं पलटी मारने की. तो इनकी कोई क्रेडिबिलिटी नहीं है.

कल को हम ले भी लें तो कोई गारंटी नहीं दे सकता की ये रहेंगे हमारे साथ या वापस सीटें जीत करके वोट ले करके दूसरी जगह शिफ्ट कर जाएंगे.

तो मेरे ख्याल से जिसकी कोई आइडियोलॉजी ही नही है–कभी आरएसएस के लोग अच्छे लगते हैं कभी बुरे लगते हैं.

दो लाख तलवारें यहां बंटवाने का काम किया गया, कोई एक्शन नहीं ले पाए. भाईचारा भंग किया गया बिहार में ऐसा कभी भी हादसा नहीं हुआ|

कभी आरएसएस के लोग अच्छे लगते हैं कभी बुरे लगते हैं.


हम लोगों ने कभी भी सांप्रदायिक शक्तियों से कभी भी कोम्प्रोमाईज़ नहीं किया न हम करने जा रहे हैं.

लालू जी ने आज तक बीजेपी के साथ हाथ नहीं मिलाया। तो जो उनकी आइडियोलॉजी है, जहां विचारधारा की जो लड़ाई है वो हमेशा से आप देखे होंगे चाहे आरएसएस के खिलाफ या मनुवादियों के खिलाफ हमेशा वो खड़े रहे हैं लेकिन नितीश कुमार जी हर जगह शिफ्ट कर जाते हैं तो ऐसे लोगों के लिए जिन्होंने धोकेबाज़ी की हैं, जो की चीफ मिनिस्टर नहीं चीट मिनिस्टर हैं;

विकास की गाड़ी आपने 2012 के बाद से जहां गाड़ी थी वहीँ पार्कड लगी हुई है, आगे एकदम नहीं बढ़ी है बिहार की तो अब बताएँगे  ऐसे लोगों को लेकर हम अपना नुक्सान क्यों करें।  

आज उनको पलटू कहा जा रहा है, कल हमको लोग पलटू कहेंगे कल हमको ब्लेम करेंगे तो इसलिए जो जनता भी यही चाहती है की उनके लिए दरवाज़ा बंद हो जाए. इसलिए हम जनता की बात को सुनेंगे.”

NC24x7: लालू जी की जो अनुपस्थिति है राजनीतिक परिदृश्य से बिहार के उसका कितना असर है, उसका क्या असर देखते हैं आप?

Tejashwi: आक्रोश तो है ही और आक्रोश तो बाय-इलेक्शन में भी देखने को मिला था. एक बड़ी रैली हमने की थी जहां लाखो की तादाद में लोग भी जुटे हुए थे. पूरा पटना पट चूका था और काफी लोगों में नाराज़गी हर एक इशू को ले कर और भी इशू को ले कर भी लोगों की थी. लेकिन हम लोगों ने पहले भी कहा था, लालू जी एक विचारधारा हैं और एक विज्ञान हैं; इतनी मुसीबतें आयीं लोग कहते रहे आप चले जाएंगे आप हट जायेंगे आप वापस नहीं आएंगे|

Nitish चीफ मिनिस्टर नहीं चीट मिनिस्टर हैं

लेकिन फिर भी और मज़बूती के साथ वो आते हैं और फाइट बैक करते हैं और हराने का भी काम करते हैं. तो इसलिए लालूजी कहीं भी रहे लेकिन लालू जी को चाहने वाले लोग, उनकी विचारधारा पर चलने वाले लोग जो लालुवाद में विश्वास रखते हैं वो खड़े हैं एकजुट के साथ और पार्टी हमारी और मज़बूत है. साथ ही साथ जनता का भी आशीर्वाद हम लोगों के साथ है. और सब लोग मानते हैं की लालू  जी के साथ अन्याय हुआ, ये जानबूझकर के नितीश कुमार जी और बीजेपी के लोगों ने एक पोलिटिकल वेंडेटा के हिसाब से उनको लगातार शुरू से ही बदनाम किया गया.

जो भी केसेस वगैरह उनपर कांस्पीरेसी के चार्ज लगे हुए हैं लेकिन बिहार में तो ऐसे ऐसे घोटाले हैं जिसमें डिप्टी CM, चीफ मिनिस्टर, डायरेक्टली इन्वोल्वड हैं प्रूफ है प्रमाण है, लालू जी वास ए विसलब्लोअर इन द चारा घोटाला केस| FIR तभी हुई लालू जी के आदेश के बाद ही FIR हुई. और

यहां तो इतने सालों से घोटाला चल रहा है और डायरेक्ट लिंक है नितीश कुमार जी का, सुशील मोदी जी का, तो कोई कार्यवाही नहीं होती. तो बीजेपी के साथ लालू जी रहते तो राजा हरिश्चंद्र कहलाते और आज नितीश जी हैं तो इसी डर और लालच के कारण  वहां गए हैं.

NC24x7: 2019 के चुनाव किन मुद्दों पर लड़े जाएंगे?

Tejashwi: देखिये, बिहार का अपना अलग इशू है. बिहार का स्पेशल पैकेज को लेकर के, स्पेशल स्टेटस को लेकर के, गरीबी को लेकर के, बेरोज़गारी को लेकर के, किसान की जो समस्याएं हैं उसको लेकर के. काम यहां जो है एकदम से ठप्प पड़ा हुआ है, महंगाई इतनी बढ़ गयी है तो जहां जहां आप जाईयेगा यहां लोकल जितनी भी सरकारी जितने भी कॉन्ट्रैक्ट पे बहाली लोग थे सब लोगों की नाराज़गी है, सरकारी कर्मचारियों की नाराज़गी है, समय पर वेतन नहीं मिलता है लोगों को, शिक्षक नहीं है, इंजिनियर नहीं है, डॉक्टर्स नहीं है. हर जगह कमी है. तो अपना बिहार का भी और बिहार की जो जनता है वो हमेशा से सेक्युलर रही है और हमेशा से साम्प्रदायिकता को हमेशा से धूल चटाने का काम किया है. तो अब लोग देख रहे हैं की कौन ऐसे लोग हैं जो धर्म और जाति के नाम पर बांटने का काम कर रहे हैं. तो ये बिहार के लोग समझदार हैं, पॉलिटिकली काफी होशियार हैं लेकिन इशूज़ जो हैं काफी हैं.

अब नितीश जी का भी का आप देखेंगे, चार साल में चार सरकार कोई ऐसा पार्टी नहीं होगा जिसके साथ उन्होंने गठबंधन न किया हो. एक-एक साल का डुरेशन रहा हैं सबके साथ.कभी मांझी जी को हटाते हैं कभी बीजेपी से भागते हैं कभी महागठबंधन में आते हैं कभी महागठबंधन से भागते हैं बीजेपी में जाते हैं. अब बीजेपी से मोह भंग हो रहा है तो अब कांग्रेस और महागठबंधन में आने की बात करते हैं. तो इस तरह का जो खेल है अब बिहार के लोग थक चुके हैं बिहार की जनता थक चुकी है.

बिहार के लोग अब काम देखना चाहते हैं अपने आर्थिक जीवन को वो सुधारना  चाहते हैं, सामाजिक जीवन को अपना सुधारना चाहते हैं, मुख्य धारा में आना चाहते हैं. इंडस्ट्री आती नहीं है यहां, आप देखिएगा पूरी तरीके से गरीबों पे अत्याचार है बालूबंदी करके, शराबबंदी में सबसे ज़्यादा जो हैं गरीब ही जेल गए हैं. तो ये सारी चीज़ है, बिहार की जनता देख रही है. इशूज़ तो काफी हैं. और मेरे ख्याल से इसी का परिणाम है बाई इलेक्शन कि हर बार इनको हारना पड़ा।  

NC24x7: ये जो देश का जो राजनीतिक परिदृश्य है और आप उसमें बड़े ऊंचे नेता के तौर पे उभरे हैं उसपर आपके क्या विचार हैं, अगले एक साल की संभावनाओं को देखते हुए ?

Tejashwi: नहीं देखिये, मेरा मकसद अपने लिए नहीं है की मेरा अपना खुद का टारगेट है. वो तो सब लोगो का जनता का कृपा होगा तो वो तो कोई भी कहीं भी जा सकता है बन सकता है बिगड़ सकता है।  आप अच्छा काम कीजियेगा तो आप ज़रूर आपको एक दिन लोग आपका साथ देंगे और उस हिसाब से लोग देखेंगे भी लेकिन हमारा मुख्य जो ज़िम्मेदारी है कि नागपुरिया कानून जो संविधान जो हमारा खतरे में है कुछ लोग नागपुरिया कानून को लागू करना चाहते हैं मनुवादी विचारधारा को वो लाना चाहते हैं तो इसके खिलाफ हम लोग हैं. और किसी भी हद तक हम लोग अपने उनके जो नागपुर के लोग हैं आरएसएस बीजेपी के लोग जो सपना देख रहे हैं की ‘न्यू इंडिया’  बनाने का किस प्रकार का ‘न्यू इंडिया’ होगा हमने सैंपल देखा है, मॉब लिंचिंग से लेकर के तरह तरह की चीज़ें देखी  हैं. दलितों पे अत्याचार हुआ- लोग वो चीज़ देख रहे हैं, और एहसास कर रहे हैं की सबसे महत्वपूर्ण अपनी अपनी चीज़ों को छोड़कर के देश हित के लिए और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए और इनसे मुकाबला करना चाहिए। अगर इनसे हम लोग मुकाबला नहीं करेंगे लड़ेंगे नहीं तो कहीं न कहीं से आने वाले समय में जनता जो है हमें माफ़ नहीं करेगी।  

NC24x7: राहुल गांधी के बारे में क्या विचार है?

Tejashwi: राहुल गाँधी जी से दोस्ती है हमारी संविधान की रक्षा के लिए है. और हमने मिलकर के भी ये ट्वीट किया था और हमने ये भी बोला था की सभी लोगों को क्यूंकि कांग्रेस बड़ी पार्टी है उसकी ज़्यादा रिस्पांसिबिलिटी है, कि सब लोगों को गोलबंद करें और समय आ गया है की अपनी चीज़ों को छोड़ करके चाहे RJD हो या कोई और पार्टी हो अपने ईगो को अलग करके अपने जो सारी चीज़ें हैं  त्याग करके ही हम लोग मुकाबला कर सकते और वो ढांचा जो है वो क्रिएट कर सकते हैं. कहीं न कहीं से किसी भी रिलेशनशिप के लिए कोम्प्रोमाईज़ थोड़ा बहुत अगर करना पड़े क्योंकि महागठबंधन बनाने के लिए  लालूजी ने बड़ा सैक्रिफाइस और कोम्प्रोमाईज़ किया।  बीइंग ए सिंगल लार्जेस्ट पार्टी भी ऐसे व्यक्ति  को चीफ मिनिस्टर बनाया जिसने कि केस मुकद्दमा कराया जेल भेजा सारी चीज़ें हैं फिर भी उस व्यक्ति को हमने मुख्य मंत्री बनाया, मुख्य मंत्री ही नहीं स्पीकर का भी पद दे दिया। तो वो जो लालू जी की जो कमिटमेंट थी संविधान के प्रति, सामाजिक न्याय के प्रति, धर्म निरपेक्षता के प्रति वो भावना कहीं न कहीं से सब लोगों में आनी चाहिए।  

NC24x7: मोदी जी कहते हैं मोदी vs सब| उनके पार्टी वाले कहते हैं की शेर अकेला चलता है और बाकी लोग इकट्ठे हैं| मोदी जी ये कोशिश करेंगे की 2019 में एक ही इशू रहे बिहार से लेकर बंगाल तक वो हैं मोदी जी. मोदी पे इलेक्शन होगा। मोदी vs कौन ?

Tejashwi: मोदी जी तो अकेले नहीं हैं. 40 पार्टियों की बारात ही है दूल्हे के साथ. तो 40 पार्टियां यानी वो इज़्ज़त ही नहीं देते सम्मान ही नहीं देते. ऐसे दिखाते हैं की खुद ही अकेले चल रहे हैं।  

आप बता दीजिये की दो तीन राज्यों को छोड़ कर बीजेपी है कहाँ। बिहार में ही उदाहरण ले लीजिये क्यों नितीश कुमार जी के साथ धोखेबाज़ के साथ इन्होनें  सरकार बनाने का काम किया, जिन्होंने मोदी जी का प्लेट खींचा. मोदी जी की अब ये स्थिति आ गयी है कि वैसे लोगों को भी साथ ले करके चलना पड़ रहा है।  

शिवसेना अलग हो गयी, पीडीपी को छोड़ ही दिया, ये सब लोगों के साथ, नार्थ ईस्ट में जहां दो सीटों के साथ सरकार बनायीं जो मेजर पार्टी है उसको तो भूल ही गए.

लोग वो किसके सहारे बीजेपी वहाँ सत्ता में आयी. आप देखिएगा तो अकाली दल , यूपी में कई छोटी छोटी पार्टियों  के साथ भी गठबंधन.

बिहार में खुद भी रामबिलास पासवान, उपिंदर खुश्वाहा, नितीश कुमार, कितने लोग हैं यहां, यहां अकेले कहाँ हैं?

यानि मोदी जी को पहले डर था क्या? किस बात का डर था जो इन्होने 40 पार्टियों के साथ गठबंधन बनाया, जो हम लोगों पे बोलते हैं?

विपक्ष के लोग आकर गोलबंद हो रहे हैं तो एक ही सामान विचारधारा के लोग गोलबंद हो रहे हैं लेकिन बीजेपी एनडीए में कोई समान विचारधारा ही नहीं है, कोई कहता है कुछ कोई कहता है कुछ। तो जवाब तो उनको देना चाहिए।  

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